122 Best Desh bhakti shayari हिंदी में

नमस्कार दोस्तों, Social Shayari पर आपका स्वागत है। आज मैं आपको बताऊंगी desh bhakti shayari, latest desh bhakti shayari sms, desh bhakti shayari status।

यह शायरी हमारे देश के जवानों के लिए dedicated है जो दिन रात सरहदों पर हमारे देश की रक्षा करते हैं और हमें दुश्मनों के आतंक से बचाते हैं। और सिर्फ फौजी के लिए ही नहीं बल्कि उन सब के लिए जो देश के लिए कुछ करना चाहते हैं और देश का नाम ऊंचा करना चाहते हैं। 

उन लोगों के मन में देश प्रेम और देश भक्ति हमेशा जागरूक रहती है। आम नागरिक भी देश के प्रति अपना सम्मान दिखाते हैं और गणतंत्र दिवस, स्वतंत्र दिवस जैसे त्योहारों पर यह भावना इकट्ठे होती है।

अगर आपको लेख पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ ज़रूर share करें। तो चलिए जानते हैं desh bhakti shayari in hindi। 


Desh bhakti shayari 2022

उसे लहराता देख के
और तेज़ हो जाती हैं ये हवाएं
उसे लहराता देख के,
ये घटाएं बड़ा मुस्कुराती हैं उसे मुस्कुराता देख के।
और हाथ , खुद बा खुद उठ जाते हैं
उसे सलाम करने को।
वो दुश्मन सहम से जाते हैं
उसे लहराता देख के।

Use lehrata dekh ke
Aur tez ho jati hain ye hawayen
Use lehrata dekh ke, 
Ye ghataye bada muskurati hain
Use muskurata dekh ke.
Aur haath, khud ba khud uth jate hain
Use salaam karne ko
Vo dushman sehem se jate hain
Use lehrata dekh ke.


तिरंगा desh bhakti shayari in hindi

तीन रंग का वस्त्र नहीं,
ये ध्वज तो देश की शान है ,
हर भारतीय के दिलों का स्वाभिमान है ,
यही है गंगा ,यही है हिमालय ,
और तीन रंगों में रंगा हुआ
ये हिंदुस्तान है।

Teen rang ka nahi vastra
Yeh dhwaj desh ki shaan hai
Har Bhartiya ke Dilon Ka Swabhiman hai 
yahi hai Ganga yahi hai Himalayan 
aur teen rangon Mein Ranga Hua 
yeh Hindustan hai. 


*कुछ नशा तो ध्वज की आन का है ,
कुछ नशा इस देश की शान का है ,
हम लहरावेंगे हर जगह ये तिरंगा ,
नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।

Kuchh Nasha to tirange Ki aan ka hai 
Kuchh Nasha is desh ki Shaan ka hai 
Ham lehravenge Har Jagah yah Tiranga 
Nasha yeh Hindustan ki shan ka hai.


*ये बात हवाओं को बताए रखना ,
रोषनिहोगी चिराग को जलाए रखना,
लहू दे कर जिसकी हिफाज़त की उन जवानों ने ,
उस तिरंगे को सदा ही दिल में बसाए रखना।

Yah Baat pavan ko bataye Rakhna
Roshani Hogi chiraag ko jalaye Rakhna
Lahoo dekar Jiski Hifazat ki un javanon ne 
us tirange ko Sada Hi Dil Mein basaye Rakhna. 


*आन देश की ,शान देश की ,
देश की हम संतान हैं
तीन रंगों  से रंगा तीरंगा ,
अपनी यही पहचान है।

Aan desh ki shan Desh Ki 
Desh ki hum Santan Hai Teen rangon Se Ranga Tiranga 
apni yeh pahchan hai.


*लहराएगा तिरंगा अब सारे
आसमान पर
भारत का नाम होगा
सबकी ज़ुबान पर
जो दुश्मन आँख उठाएगा
प्यारे वतन पर
उसका नामोनिशान ना होगा
अहलें जमीं पर।

Lahrayega Tiranga ab Sare Aasman pr
Bharat ka naam hoga Sabki juban pr
Jo Dushman Aankh uthaega Pyare Watan par
uska Naam O Nishan Na Hoga Agle Zameen Par. 


*मुल्क़ में न हो अब कोई दंगा कभ
और मैली न हो सबकी ये गंगा कभी
आओ आज हम मिलकर खाएं कसम
झुकने ना देंगे ये तिरंगा कभी।

Mulk Mein Na Ho Ab Koi Dunga Kabhi 
Aur maili Na Ho Sabki yeh Ganga Kabhi 
Aao Aaj Ham Milkar khave Kasam iski
Jhukne na Denge yeh Tiranga Kabhi

Also Read: Caption in hindi


भारत का जो करना नमन छोड़ दे ,
कह दो वो मेरा वतन छोड़ दें ,
धर्म प्यारा है , जिसे देश नहीं ,
वो इसकी मिट्टी में दफ़न होना छोड़ दें।

Bharat ka jo karna Naman Chhod De 
kah do vah Mera Vatan Chhod De 
Mazhab Pyara Hai Jise Desh Nahin 
Veh iski Mitti Mein Dafan Hona Chhod De.


*लिपट कर चेहरे कई तिरंगे में आज वी आते हैं ,
यूँ ही नहीं दोस्तों हम आज़ादी मनाते हैं।

Lipat kar chehre Kai Tirange Mein Aaj vii Aate Hain 
Yun Hi Nahin dosto Ham Azadi manate Hain. 


*तन पर लंगोटी ,हाथों में डंडा ,
होठों पे थी प्रेम की वाणी
नगर नगर पैदल चला ,
अस्सी वर्ष का वो प्राणी
दिल में थी उसकी  लगन ,
चाहता था वो आजादी लानी।


Tan per langoti Hathon Mein Danda 
Hothon per Thi Prem ki Vani 
Nagar Nagar Paidal Chala 
Assi varsh ka veh prani 
Dil Mein Thi uski Lagan 
Chahta tha veh Azadi lani. 


India desh bhakti shayari

Desh bhakti shayari

*अनेकता में भी एकता, इस देश की शान है जी,
इसलिए मेरा भारत देश सबसे महान है जी।

Anekta Mein Ekta hi is Desh Ki Shaan hai 
isliye Mera Bharat Desh Mahan Hai 


*वतन हमारा मिसाल मोहब्बत की
मिटाता है दिवार नफ़रत की
खुशनसीबी हमारी ,
जो मिली जिंदगी इस चमन में ,
भुला ना सकेंगे इसकी खुशबू
सातों जनम में।

Vatan Hamara pehchaan hai is prem Ki 
Mita Deta Hai Deewar nafrat ki 
khushnasibi Hamari 
jo mili Jindagi is Chaman Mein 
Bhula Na Sakenge iski Khushbu 
Saato Janam Mein. 


*भारत के गणतंत्र का
सरे जग में  गुणगान
दशकों से खिल रही
इसकी अद्धभुत शान
सब धर्मों को सम्मान देकर
रचा गया इतिहास
इसीलिए हर देशवासी  को है
इसमें पूर्ण विश्वास

Bharat ke Gantantra ka 
Sare jag mein gungan 
Dashko se khil Rahi
iski Adbhut Shan 
Sab dharmo Ko Samman dekar 
Racha Gaya Itihaas 
isliye Har deshwasi Ko Hai 
ismein poorn Vishwas 


*मेरे देश के फौजी जैसा पूरी दुनिया में कोई जवान नहीं 
साँसे सरहदों पर गिरवी हैं उसकी ,पर गिरवी उसका ईमान नहीं।

Mere Desh Ke jawan Jaisa is jaha Mein Koi Nahin 
saanse sarhado par girvi Hai uski, per Girvi uska imaan nahi. 

Also read: माँ शायरी in हिंदी


*ऐ मेरे वतन के लोगों
तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूला सीमा पर
वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ यद् उन्हें भी करलो
जो लौट के घर न आए
ऐ मेरे वतन के लोगों
ज़रा आँखों में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी।

Aye Mere Watan Ke Logo 
Tum Khoob Laga Lo Nara 
yah manga din h Ham Sabka 
lahra Lo dhwaj vo Pyara 
per Bhoolo mat sarhado per 
viro Ne Hai apne Pran gavaye 
Zara Yad unhe bhi kar lo 
Jo ghar laut Ke Na Aaye 
aye Mere Watan Ke Logo 
Jara Aankho main Bhar Lo Pani 
Jo Shahid Hue hain Unki 
Jara Yaad karo Kurbani. 


*मुझे न तन चाहिए ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक ज़िंदा रहूँगा
इस मातृ – भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिए

Mujhe Na tan chahie na Dhan chahiye
bus aman se Bhara ho aisa Vatan chahie 
jab tak Jinda rahu is desh ke liye 
aur jab Maru to Kafan tirange ka chahie. 


*काश मेरी ज़िंदगी में
सरहद की कोई शाम आए
मेरी ज़िन्दगी मेरे वतन के काम आए
ना  खौफ़ है मौत का
ना आरज़ू है जन्नत की
पर जब कभी नाम हो शहीदों का
काश ! मेरा भी ज़िक्र आए।

Kash mere josh Mein 
Sarhad ki ek Shaam Aaye 
Meri Jindagi mere watan ke kaam Aaye 
Na Khauf Hai Maut Ka 
Na Aarzoo Hai Jannat Ki 
Lekin Jab Kabhi zikar Ho shahidon ka 
Kash Mera bhi Naam Aaye. 


*हर वक्त मेरी आँखों में धरती का स्वपन हो
जब कभी मरू तो तिरंगा ही मेरा कफ़न हो
और कोई ख्वाहिश नहीं ज़िन्दगी में
जब कभी जन्मु  ,तो भारत मेरा वतन हो।

Har Waqt Mere Aankhon Mein Dharti Ka swapn Ho 
Jab Bhi maru to Tiranga Mera Kafan ho 
aur Koi Khwahish Nahin Jindagi Mein 
Jab Kabhi Janmu, to Bharat Mera vatan ho. 


*आओ झुक कर करें सलाम उनको
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है
खुशनसीब होता है वो इंसान
जिसका रक्त इस देश के काम आता है।

Aao jhuk kar kare Salam unko 
Jinke hisse yo anumad aata hai 
Khushnaseeb hota hai vah Insan 
Jiska Rakt Is Desh ke kam Aata Hai.
Aaj Salam Hai Un veeron ko 
Jinke Karana Hai Din aata hai 
Vo man Khushnaseeb Hoti Hai 
Balidan Jinke bacchon Ka 
Is Desh ke kam Aata Hai.


*आज सलाम है उन वीरों को
जिनके कारण ये दिन आता है
वो माँ खुशनसीब होती है
बलिदान जिनके बच्चों का
इस देश के काम आता है।

aaj salaam hai un veeron ko
jinke karan ye din aata hai
woh maa khushanaseeb hoti hai
balidan jinke bachchon ka
is desh ke kaam aata hai


*गुलामी का दाग धोया है अपनी जान लुटा कर
दीप जलावे कितने और दीप बुझा कर
मिली है जब ये आज़ादी , अब रखना
होगा इस आज़ादी को दुश्मन से बचा कर।

Daag gulami Ka dhoya hai jaan Luta kar 
Deep Jalaye Hain kitne deep bujhakar 
Mili Hai Jab yah Azadi, ab Rakhna Hoga is Azadi Ko Dushman se bacha kar.


*मैं मुल्क की हिफाज़त करूँगा
यह मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जान ,दोनों ही कुर्बान है।

Main Mulk Ki Hifazat Karunga 
yah Mulk Meri Jaan Hai 
Iski Raksha ke liye 
Mera Dil Aur Jaan donon hi Kurban Hai.


*दिल हमारे एक हैं
एक ही हमारी जान
हिंदुस्तान हमारा है हम है इसकी शान।
जान लुटा देंगे
वतन पे हो जाएंगे कुर्बान
इसीलिए मैं कहता हूँ, मेरा भारत महान।
वतन हमारा ऐसा की कोई छोड़ न पाए
रिश्ता हमारा ऐसा की कोई तोड़ ना पाए 
खुशनसीब हैं वो लोग जो वतन पे मिट जाते हैं।
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं।


Dil Hamare Ek Hai 
Ek Hi Hamari Jaan 
Hindustan Hamara Hai 
Ham Hain iski Shan.
Jaan Luta Denge 
Vatan per Ho Jaenge Kurban 
isliye mai Kehta hoon Mera Bharat Mahan.
Vatan Hamara Aisa ki
Koi Chhod Na Paye
Rishta Hamara aisa ki Koi Tod Na Paye
khushnaseeb hai wo log jo vatan par mit Jaate Hain 
Mar Kar Bhi vo log Amar Ho Jaate Hain. 

Also Read: best Hindi status


हिंदुस्तान देश भक्ति शायरी

*विकसित होता राष्ट्र हमारा
रंग लती हर कुर्बानी है
फक्र से अपना परिचय देते
हम सारे हिंदुस्तानी हैं।

Viksit Hota Rashtra Hamara 
Rang lati Har Qurbani Hai 
fakr Se Apna Parichay dete 
Ham Sare Hindustani Hai.


*देश के लिए मान रहे
हर दिल में हिंदुस्तान रहे
सिर्फ 26 जनवरी को ही नहीं
भारत माँ के लिए हर दिन साँस रहे।

Rashtra ke liye Maan-Samman Rahe 
Har Dil Mein Hindustan Rahe 
Desh Ke Liye sirf 26 January hi nahin
Bharat Maa Ke Liye Har Saans Rahe. 


*ना पूछो ज़माने से
कि क्या हमारी कहानी है
हमारी पहचान तो बस इतनी है
कि हम हिंदुस्तानी हैं।

Na Pucho Zamane Se 
Ki Kya Hamari Kahani Hai 
Hamari pahchan to Itni hi hai ki 
Ham Hindustani hai. 


*ना धर्म मेरा है ,ना रौब मेरा है ,
ना बड़ा सा नाम मेरा है
मुझे तो एक छोटी सी बात का बस गर्व है
कि मैं “भारत ” का हूँ और यह “भारत “मेरा है।

na dharm mera hai ,na rob mera hai ,
na bada sa naam mera hai mujhe to ek chhoti si baat ka bas garv hai
ki main “bharat ” ka hun aur yeh “bharat “mera hai


*छत पर चढ़ कर आसमान देखता हूँ 
परिंदों की ऊँची उड़ान देखता हूँ
तुम्हे हिंदू मुसलमान देखना है तो देखो 
मैं अपने खून में देखता हूँ।

Chhat pe chadh ke Aasman dekhta hun
parindon Ki Unchi Udan dekhta hun 
Tumhen Hindu Musalman Dekhna Hai To Dekho 
mai apne khoon mein desh dekhta hun. 


*माना की यह  मुल्क है ,पर मेरा हिंदुस्तान कहाँ है ?
मेरा इस जहां के सिवा ,दूसरा जहां कहाँ है ?
क्यों यह लोग चल रहे हैं तनहा -तनहा 
चला था जो साथ मेरे, वो कारवां कहाँ है ?
जंग – ऐ -आज़ादी   भरी पड़ी हैं तारीकी किताबें 
अमन से हासिल  ,आज़ादी की  दास्ताँ कहाँ है ?
महक उठती थी फिज़ाएं कायनात के जर्रे –  से 
खिलाया था जो चमन हमने, वो गुलसितां कहाँ  है ?

Mana Ki yeh Mulk Hai per Mera Hindustan kahan hai? 
mera is Jahan Ke Siva dusra Jahan Kahan Hai?
Kyon yah log chal rahe hain Tanha- Tanha Chala Tha Jo Sath Mere vah Karva kahan hai?
jang-e-azadi bhari badi hai tariki kitaben 
Aman se Hasil Azadi ki dasta kahan hai 
Mehak uthti thi fijaaye kaynat ke jarre se
Khilaya Tha Jo Chaman, vo gulsita kaha hai? 


*हिंदुस्तानी होने पर हमको नाज़ बहुत है ,
वतन पर न्योछावर होने का अरमान बहुत  है ,
तिरंगे को देख कर मिलता हमे सुकून  है
दुनिया में इस तिरंगे के कदरदान बहुत हैं।
हमारे ज़र्रे – में बसा यहीं का लहू है ,
यह हमारे हिंदुस्तानी होने का पहचान बहुत है।
हर तरह के मौसम यहीं मिलते हैं ,
यह कुदरत का हमपर ईनाम  बहुत है।
एक दूसरे के दुःख दर्द में सब शामिल हैं ,
महोब्बत का यह पर कयाम बहुत है।

Hindustani hone par Humko Naaz bahut Hai
Vatan per marne hone ka Armaan bahut hai
Tirange Ko Dekhkar aata mujhe sukun Hai
Duniya Mein Is Tirange ke kadardan bahut hai. 
Hamare jarre mein mein basa Yahi ka Lahu Hai
yah Hamare Hindustani hone ka pahchan bahut Hai.
Har Tarah Ke Mausam Yahi Milte Hain 
ya Kudrat Ka Ham par inaam bahut hai 
Ek dusre ke Dukh Dard Mein Sab Shamil Hai
Mohabbat Ka yaha par Qayam bahut hai.


ईद भी हमारी ,दिवाली भी हम ही से है ,
मानाने के लिए यहाँ त्यौहार बहुत हैं।
ये यहीं ,यही से हमको जाना है ,
इस मिट्टी के हमपर एहसान बहुत  हैं।
देश को काटने की कोशिश जो लोग करते हैं ,
वो लोग अभी हमसे अनजान बहुत हैं।
सरहदों पर उठती जब किसी की नज़र है ,
जान देने के लिए अभी जवान  बहुत हैं।


Eid bhi Hamari, Diwali bhi ham hi Se Ha
manane ke liye Yahan tyohar bahut hai 
ye nahi, Yahi se mujhe Jana Hai 
Is Mitti ke mujh par Ehsan bahut hai.
Mulk ko baatne ki koshish Jo log Karte Hain
vah Log abhi Ham se Anjan bahut hai
sarhadon par Uthti Jab Kisi Ki Nazar Hai 
Jaan dene ke liye abhi Jvaan bahut hai. 


न मजहब मेरा, न रब मेरा है
न बड़ा सा ये नाम मेरा है
मुझे तो बस एक छोटी सी बात का गर्व है
कि मैं हिंदुस्तान का हूँ और यह हिंदुस्तान मेरा है।

Na mazhab mera, na Rab mera hai 
na Bada Sa ye naam mera hai 
mujhe to bus Ek Chhoti Si Baat ka Garv Hai 
Ki Main Hindustan ka hun aur yah Hindustan Mera Hai. 


खिले – चेहरे मेरे मुल्क के बाशिंदों के 
आज़ाद हिन्द ने बक्षी थी वो खुशिया कहाँ हैं ?
ये महाराष्ट्र ,ये उत्तर ,ये पंजाब और दक्षिण 
एकता की मिसाल था जो ,
वो मेरा हिंदुस्तान कहाँ  है ?

khile Chehre Mere Mulk ke bashindo ke 
Azad Hind Ne bakshi Thi vo Khushiyan kahan hai 
yeh Maharashtra, yeh Uttar, Ye Punjab aur Dakshin 
Ekta ki Misal Tha Jo
Vo Mera Hindustan kahan hai


 गणतंत्र दिवस desh bhakti shayari

*याद रखेंगे वीरों तुमको ,
यह बलिदान तुम्हारा है ,
हमको तोहहै जान से प्यारा ,
यह गणतंत्र हमारा है।

Yad Rakhenge viro bhai Tumko 
Jo Balidan Tumhara Hai 
Humko Jaan Se hai Pyara 
yah Ganatantra Hamara Hai.


* काँटों में भी फूल खिलाएँ
इस धरती को स्वर्ग बनाएँ
आओ सबको गले लगाएँ
हम गणतंत्र का पर्व मनाएँ।

Kaanto mein bhi Phool Khilaye
Is dharti ko Swarg Banaye
Aao Sab Ko Gale Lagaye 
Ham Ganatantra ka Parv manae.


*मिट्टी की खुशबू
देशभक्ति की फुहार
हाथों में तिरंगा
भारत माता का प्यार
मुबारक हो आपको गणतंत्र दिवस त्यौहार।

Mitti ki Khushbu 
Deshbhakti Ki fuhar 
Hathon Mein Tiranga 
Bharat Mata ka pyar 
Mubarak ho aapko Ganatantra Divas ka tyohar. 


देखो हमको ,पहचानो हमें
हम वही हैं ,जो बाण भेद के ज़मीन से पानी निकाल दिया करते थे  ,
एक ऊँगली पर गोवर्धन उठा लिया करते थे ,
हमी थे वो दिलेर , जो चक्रव्यूह में वापिस लौटने की विद्या जाने बगैर गए
और वो भी हम ही  थे,जिनके फैंके हुए पत्थर पानी में तैर गए ,

Dekho Hamari orr pahchano Hame 
Ham vahi hai jo baan bhed ke Dharti se Dhara nikal Diya Karte The 
Ek ungli par Govardhan Utha liya Karte The
ham hi the vo Diler Jo chakravyuh me vapis lotne ki Vidya Jaane bagair gaye. 
Aur vo bhi hum hi the jinke feke patthar pani me tair gaye


हम दागना भी जानते हैं और बचाना भी ,
हमने दुश्मन के लिए फाइटर जेट्स बनाए ,संगीन बनाई
और जब ज़िंदगी की साँस टूटने लगी तो हमी ने वैक्सीन बनाई
लिखा उस वैक्सीन पर “सर्वे सन्तु निरामया “
यानि ईशर सब पर दया करे
हम जाबाज़ ज्वाला हैं ,
आँधियों से खेलें हैं ,बिजलियों के पाले हैं ,
हम शांति का सवेरा हैं ,इंसानियत के ऊजाले हैं ,
पहचानो हमें , हम इंडिया वाले हैं।

Hum marna bhi jaante hai aur bachana bhi
Hamne Dushman ke liye fighter jets banae
Sangeen Banayi 
aur jab Jindagi Ki Saans Tute Lagi To Humi ne vaccine Banayi
aur likh diya use vaccine per “sarve Santu niramaya” 
Yani Ishwar Sab par kare Daya
Ham Janbaaz Hain Jwale Hain 
Aandhiyo se Khele Hain, bijali ke pale Hain
Ham Shanti ka Savera Hai Insaniyat Ke ujale Hain 
Pehchano Hamen, Hum India Wale Hain. 


मैं इसके नाज़ उठाता हूँ ,सो यह ऐसा नहीं करती 
मेरे हाथों को यह मिट्टी कभी मैला नहीं करती।
खिलोनों की दुकानों की तरफ से आप क्यों गुज़रे 
बच्चे की तम्मना है , ये समझौता नहीं करती।
शहीदों की ज़मीन है जिसको हिंदुस्तान कहते हैं 
ये बंजर होकर बुज़दिल कभी पैदा नहीं करती।

Main Iske Naaz uthata hun So yeh Aisa nahin karti 
Mere Hathon ki yah Mitti Kabhi Maila nahin karti 
khilono ki dukaano se Kyon aap gujre
Bacchon Ki Tamanna Hai yah samjhota nahin karti.
shaheedon ki mitti Hai ye Jise Hindustan Kahate Hain 
yah Banjar hokar buzdil Kabhi Paida nahin karti. 

Also Read: Best Indian shayari


भगत सिंह देश भक्ति शायरी

Desh bhakti shayari in hindi

शहीदों की मज़ारों पर भरेंगे हर बरस हम मेले
वतन पर मरने वालों का यही निशान होगा,यही बाकि निशान होगा।

Shahidon ki Mazaaro per bharenge Har Baras hum Mele 
Watan par Marne Walon Ka Yahi Baki Nishan Hoga, Yahi Baki Nishan hoga. 


आज़ादी का एक दीवाना ,नाम भगत सिंह लिखता था
गाँव के बाकी  बच्चों जैसा ही तो दिखता था
सब गुड्डे गुड़िया खेलते थे ,उसे आज़ादी प्यारी थी
भगत के मन में इंकलाब की छोटी चिंगारी थी
उसी की आँखों क सामने जलिआ वाला बाग हुआ
जनरल डायर के आदेशों से कैसा खुनी फ़ाग हुआ
उस दबी हुई चिंगारी ने फिर जन्म दिआ एक ज्वाला को
क्रन्तिकारी बना भगत सिंह त्याग प्रेम की माला को
सोल्डिएर्स को मारा , बलिदानों की कसम भगत ने खाई थी

Azadi ka Ek Deewana tha Naam Bhagat Singh likhta tha 
gaon ke Baki bacchon Jaisa Hi To Dikhta tha
Sab gudde Gudiya Khela karte the use to Azadi Pyari Thi 
Bhagat Ke Dil Mein inqlaab ki dabi Hui Chingari Thi 
Usi Ki Aankhon Ke Samne Jallianwala Bagh Hua 
General Dyer ke aadesho Se Kaisa Khooni phag hua
Usi dabi Hui Chingari Ne fir Janm Diya Ek Jwala ko 
Krantikari bana Bhagat Singh, Tyagi Prem Ki Mala ko 
Soldiers ko mara Balidano Ki Kasam Bhagat Ne khai Thi 


किये धमाके संसद में,बहरों को गूंज सुनाई थी
भेजा जेल भगत सिंह को ,उलटी गोरों कि चाल हुई
और पहली बार 116 दिन की भूख हड़ताल हुई
वो अड़ा रहा कि जिसने सपने इंकलाब के देखे थे
उस मूछ की ताओ के आगे घुटने अंग्रेज़ो ने टेके थेवो दोषी सिद्ध होरहे थे और मौत का पंजा कसता था
और जज को देख कर भगत दीवानों सा हस्ता था
जो चाहा था भगत सिंह ने ,आखिर वह अंजाम हुआ
तीनों को फांसी दी जाए कोर्ट में ये एलान हुआ
माँ से मिलकर बोलै बेबे मैं दूध का कर्ज़ चुकाऊंगा
आज़ादी के दीवाने में नज़र तुझे म आऊंगा
माँ से बोला “तू मत रोना “,ये धरती मेरी माता है
रोए या गर्व करे ,माँ को समझ नहीं आता है
23 मार्च का दिन क्रूर था ,ये भूमण्डल भी झिंझोल उठा


Kiye dhamake Sansad Mein Baharon ko goonj sunayi thi
Bheja jail Bhagat Singh ko, ulti Goro ki chal Hui
aur pahli bar 116 din ki bhook hadtal hui. 
Vo adaa Raha ki jisne Sapne inqlaab Ke Dekhe the 
use moocch ki Taao Ke Aage ghutne angrejo ne teke the 
vah Doshi Siddh ho rahe the aur Maut Ka Panja Kasta tha
Aur judge Ko Dekhkar Bhagat Deewano Sa Hasta tha 
Jo Chahat thi Bhagat Singh ki, Aakhir veh anjam hua
Teeno ko fansi di jaaye Court mein yeh ailaan hua 
Maa Se Milkar Bole bebe Mein Dudh ka karj chukaunga 
Azadi Ke Deewane Mein Najar Tujhe mein aaunga 
Maa se bola Tu mat Rona Ye Dharti Meri Mata Hai 
Roye ya Garv Kare, Maa Ko samajh Nahin Aata Hai 
23 March Ka Din Aaya, ye bhoomandal bhi dol Utha


जेल का हर इक कोना उस दिन  रंग -दे -बसंती बोल उठा
भगत सिंह की अमित शहादत नियति भाँप गई होगी
जब चूमा होगा भगत सिंह को रस्सी भी काँप गई होगी
पत्थर दिल वाले अंग्रेज़ों के दिल भी पिघल गए होंगे
और जल्लादों के आँखों से भी आँसू निकल गए होंगे
देह छोड़ दिए भगत सिंह  ने
बन के शहादत गूँज उठा
इंकलाब के नारों से पूरा भारत गूँज उठा
२३ साल का एक लड़का
आज़ादी का दीवाना था
वो शहीद -ऐ -आज़म कहलाया
बस तुम्हे यही बतलाना था
आज़ादी के अफसानों को जब भी कोई शायर गाएगा
भगत, सुखदेव और गुरु तुम्हारा नाम हमेशा आएगा।


jail ka Har EK Kona us Din Rang De Basanti bola utha. 
Bhagat Singh ki Amit Shahadat Niyati Bhaap Gai Hogi 
Jab Chumma Hoga Bhagat Singh ne rassi bhi Pighal gyi Hogi 
Pathar Dilwale angrejo Ke Dil Bhi pighal Gaye Honge 
aur Jallado Ki Aankhon Se Bhi Aansu nikal Gaye hoge 
Deh Chhod Diya Bhagat Singh ne 
Banke shahdoot goonj Utha 
Inklaab ke naro se pura Bharat Goonj Utha 
23 Sal Ka Ek Ladka 
Azadi Ka Deewana Tha. 
Vo Shahid-e-Azam kehlaya 
Bas tumhe yahi batlana Tha 
Azadi ke afsano ko Jab Bhi Koi Shayar gayega 
Bhagat, sukhdev aur guru tumhara naam Hamesha aaega. 


राष्ट्रध्वज shayari

अलग है भाषा, धर्म जात और शहर, पर हमारा गौरव है राष्ट्रध्वज तिरंगा जो लाएं दुश्मन पर कहर
दिल दिया है जान भी देदेंगे , ऐ वतन तेरे लिए
भूलेंगे न उन उपकारों को जो तूने हम पर किये।

Alag Hai Bhashaa Dharm Jaat aur Shahar 
per Hamara Gaurav Hai rashtriya Dhwaj Tiranga jo layeDushman per Kahar 
Dil Diya Hai Jaan Bhi Denge Aye Watan Tere Liye 
bhulenge Na an upkaran Ko Jo Tune Ham per kiye. 


सलाम है उन सबको आज ,
जिन लोगों की वजह से यह समय आता है,
खुशनसीब होती होगी वह माँ,
जिनके बच्चों का बलिदान इस देश के हित के काम आता है।
गणतंत्र दिवस मुबारक हो!

Salam Hai Un Sabko Aaj Jin Logon ki vajah se yah Hai Samay aata hai 
Khush Naseeb hoti Hogi bahan Jinke bacchon ka Balidan Is Desh ke hit ke kam aata hai
Ganatantra Divas Sabko mubarak ho 


सारी ज़मीन में अच्छा हिन्दुस्तान है, हम बुलबुले हैं इसकी ,
यह हमारा गुलसितान है। गणतंत्र दिवस सबको मुबारक हो।

sari Zameen Mein Achcha Hindustan Hai 
Ham Bulbule Hai Iski Ye Hamara Gulsitan hai
Ganatantra Divas Sab Ko mubarak ho


 
जिस राष्ट्र में पैदा हुए, अगर उसके तुम भक्त नहीं हो
तो दूध नहीं पिया तुमने माँयी का और अपने बाप के तुम खून नहीं हो। जय हिंद !

jis rashtraya mein Paida hue Uske Tum Bhakt Nahin ho 
to Tu doodh nahin piya tumne Mai ka aur Apne Baap Ke Tum Khoon Nahin Ho 
Jay Hind. 


हम लोग परिवार के साथ चैन
से सो सके… चैन से उठ सक
इसलिए हमारी सना रोज़ बॉर्डर पर मरते हैं
वन्देमातरम !! जय हिन्द !!

Hum log parivar ke sath chain se so sake, chain
se uth sake,
isliye hmari sena roz border par marte hai.
vande mataram.jai hind


हम हाथ को मिलाना भी जानते है और उठाना भी
हम गांधी को भी पूजते और चंद्रशेखर आज़ाद को भी 
जय हिन्द !! बंदेमातरम

Hum haath ko milana bhi jante hai aur uthana bhi 
hum gandhi ko bhi poojte aur chandrashekhar azad ko bhi 
Jai hind. vande mataram. 


सर न झुका है कभी और न झुकेगा कभी, 
जो अपने दम पर जिये सच में ज़िन्दगी है वही
रहो सच्चे भारतीय बन कर
चाहे देश का कर्ज़ यह देना पड़ेगा मरकर।
गणतंत्र दिवस मुबारक हो!

Sar Na Jhuka Hai Kabhi aur Na jhukega Kabhi
Jo Apne Dam per Jiye sach mein Jindagi Hai Vahi 
Raho sacche Bhartiya Bankar 
Chahe Desh Ka Karz ya Dena padega Markar
Ganatantra Divas mubarak ho. 


चलो फिर से खुद को जगाते हैं
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं…
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के खून से…
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!

Chalo fir se Khud Ko jagate Hain,
anushasan Ka Jhanda fir ghumate Hain 
sunhara Rang Hai gantantra ka shahidon ke Khoon Se 
Aise shahidon ko Ham Sab Sar jhukte Hain
Ganatantra Divas ki shubhkamnaye. 


देश भक्तों के बलिदान से, स्वतंत्र हुए हैं हम…
कोई पूछे कौन हो,
तो गर्व से कहेंगे,
हिंदुस्तानी हैं हम
गणतंत्र दिवस मुबारक हो!

Deshbhakton ke Balidan se
Swatantra Hue Hain Ham 
Koi Puche kaun ho
to Garv se Kahenge
Hindustani Hai Ham 
Ganatantra Divas mubarak ho. 


फना होने की सम्मति कभी लिया नहीं करते
यह वतन का इश्क़ है साथियों, पूछ कर किया नहीं करते।
जय हिन्द!!

Fanaa hone ki sampatti Kabhi liya Nahin Karte
yah Watan ka Ishq Hai Sathiyon poochh kar Kiya Nahin Karte 
Jai Hind.


अनेकता में एकता ही हम सबकी  शान हैं,
इसीलिए मेरा भारत महान हैं।
गणतंत्र दिवस मुबारक हो !!

Anekta Mein Ekta hi Ham sab ki shan hai
isliye Mera Bharat Mahan Hai
Ganatantra Divas mubarak ho. 


वतन हमारा ऐसा कोई ना छोड सके,
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ सके ,
दिल एक है जान एक है हमारी,
हिन्दुस्तान हमारा है यह शान हैं हमारी।
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

Watan Hamara Aisa Koi Na Chhod sake 
Rishta Hamara Aisa Koi Na Tod sake 
Dil Ek Hai Jaan ek hai Hamari 
Hindustan Hamara Hai yah Shan Hai Hamari
Gantantra Divas ki hardik shubhkamnaye.


हम किसी दूसरे की धरती पर नज़र नहीं लगाते
पर इतने अयोग्य भी नहीं कि कोई दूसरा लगाए और वह बच जाते
का हम चुप चाप देखते रह जाते। जय हिन्द।

Ham Kisi dusre Ki Dharti per Najar Nahi lagate
per itne ayogya bhi nahin ki koi dusra lagaye aur vah bach jate
Ki hum chup chaap dekhte reh jate. 
Jai hind. 


Conclusion

मुझे उम्मीद है कि आपने desh bhakti shayari in hindi को पढ़कर बहुत आनन्द लिया होगा। कहा जाता है कि देशवासियों के खून में देशभक्ति का जज्बा बहता है।  

भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास Veer Damodar Savarkar, Mahatma Gandhi जैसे वीर व्यक्तित्वों के अमर साहस से चमकता है।  Bal Gangadhar, Pandit Jawaharlal Nehru, Bhagat Singh, Chandra Shekhar Azad, Sardar Vallabhai Patel, और कई अन्य जो राष्ट्रीय उत्थान के युग में रहते थे और अपने प्यारे देश भारत की खातिर अपने प्राणों की आहुति देते थे। 

ऐसे महान देशभक्तों ने देश के लिए और देशवासियों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।  ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’, ‘जय हिंद’ के नारे गाते हुए ये देशभक्त चेहरे पर मुस्कान और दिल में गर्व के साथ देश के लिए सूली पर चढ़ गए। 

केवल 15 अगस्त और 26 जनवरी को झंडा फहराने की रस्म मनाना, झंडे के साथ फोटो खिंचवाना और सोशल मीडिया पर पोस्ट करना इसका मतलब यह नहीं है कि आप सच्चे देशभक्त हैं।  सच्चा देशभक्त वही होता है जिसे अपने देश से सच्चा प्यार हो। वह देश के अंदरूनी या बाहरी लोगों द्वारा अपने देशवासियों पर अत्याचार के खिलाफ लड़ता है। 

यह शायरी अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और उन्हें भी देशभक्ति के प्रेम के बारे में बताएं।

आज हमने सीखा-

  1. Desh bhakti shayari in hindi 
  2. Desh bhakti shayari hindi
  3. Desh ki shayari
  4. Desh par shayari
  5. Army desh bhakti shayari
  6. 26 january desh bhakti shayari

ऊपर लिखी शायरी के बारे में आपके क्या विचार हैं, उन्हें नीचे comment box में जरुर प्रकट करें। अगर आपका कोई सवाल है तो आप comment कर सकते हैं या email कर सकते हैं। इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक share करें ताकि अन्य लोग इस शायरी का आनंद ले सकें।

मैं आपको जल्द से जल्द reply देने की कोशिश करूंगी। 

धन्यवाद……..।

Desh bhakti shayari in Hindi और desh bhakti shayari in english पढ़ने के लिए शुक्रिया।


FAQ (Frequently Asked Questions)

Desh bhakti meaning in hindi

देशभक्ति का अर्थ है अपने देश और अपने लोगों के लिए प्रेम, गर्व और बलिदान की एक महान भावना। एक व्यक्ति, जो अपने देश का समर्थन करता है, और दुश्मनों या विरोधियों के खिलाफ इसकी रक्षा करने के लिए तैयार है, देशभक्त के रूप में जाना जाता है। 

Swami Vivekanand ने desh bhakti के बारे में क्या कहा था?

स्वामी विवेकानंद का एक बहुत ही प्रेरक उद्धरण, “क्या आप देश से प्यार करते हैं?  तो आइए, हम उच्च और बेहतर चीजों के लिए संघर्ष करें;  पीछे मुड़कर न देखें, नहीं, भले ही आप सबसे प्रिय और निकटतम रोना देखें। 

पीछे मुड़कर नहीं देखें, बल्कि आगे बढ़ें!” लोग अपनी देशभक्ति को अलग-अलग तरीकों से और अलग-अलग भूमिकाओं में व्यक्त करते हैं।

एक common man अपनी desh bhakti को कैसे व्यक्त कर सकता है?

सैनिक, वैज्ञानिक, डॉक्टर, राजनेता और अन्य नागरिक अपने पेशे में कड़ी मेहनत के माध्यम से अपनी देशभक्ति व्यक्त करते हैं। भारतीय सैनिक भारत के युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं।  बेहद ईमानदार, पूरी तरह से apolitical, कड़ी मेहनत, साधारण जरूरतों और मितव्ययी आदतों के साथ, एक सैनिक साहस और देश के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है।

मंगलयान या mars orbiter मिशन देश के प्रति वैज्ञानिकों की भक्ति का सबसे अच्छा उदाहरण है। महामारी की स्थिति में, डॉक्टरों और नर्सों की कठिनाइयाँ अपने देश के प्रति समर्पण को साबित करती हैं। देशभक्ति का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपको अपने देश के लिए अपनी जान कुर्बान करनी पड़े; देश और उसके लोगों के प्रति अच्छी सेवा देना भी आपके बलिदान के बराबर है। 

Mathunny Mathews ने देश के प्रति अपनी देश भक्ति कैसे दिखाई?

Mathunny Mathews ने देशभक्ति की एक बेहतरीन मिसाल कायम की है। मथुनी मैथ्यूज एक भारतीय थे, जो Kuwait में रहते थे, और kuwait पर 1990 के आक्रमण के दौरान लगभग 1,70,000 भारतीयों को सुरक्षित Airlift निकालने की responsibility लेने वाले लोगों में से एक थे।

देश के विकास के लिए क्या ज़रूरी है?

देश के विकास के लिए देशभक्ति सबसे महत्वपूर्ण चीज है।  जैसे देशभक्त देश के बारे में सोचते हैं, उसके विकास और देशवासियों के सुधार के बारे में सोचते हैं, यह देश के विकास को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। देशभक्ति की भावना भ्रष्टाचार और दंगों को कम करने में मदद करती है इसलिए देश प्रभावी रूप से विकसित होता है।

9 thoughts on “122 Best Desh bhakti shayari हिंदी में”

Leave a Comment

Best desh bhakti shayari in hindi
Best desh bhakti shayari in hindi